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सफलता की कहानी - ATMA Jamui

ATMA Jamui

सफलता की कहानी





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सच ही कहा गया है प्रतिभा किसी पहचान की मोहताज नही होती है। वह अपनी कदमों की आहट से अपने होने का एहसास करवा ही लेती है। ऐसा ही कर दिखाया है ग्राम- सिकन्दरा, पंचायत+पोस्ट+थाना- सिकन्दरा, जिला- जमुई के निवासी सुबोध कुमार पिता- श्री सीता राम महतो। ये एक निम्न वर्गीय परिवार से होने के कारण स्नातक तक ही पढ़ाई कर पाए।

इनके घर का आमदनी का मुख्य श्रोत खेती ही था, ये बचपन से ही तेज और समय के पक्के थे। पढा्रई के साथ-साथ पिता को खेती में मदद किया करते थे। इन्होने पिता से प्रेरणा पाकर जिविकोपार्जन हेतु खेती को आधुनिक तरिके से करने का मन बनाया।

इसी के क्रम में इनकी मुलाकाल प्रखंड कृषि कार्यालय, सिकन्दा में कार्यरत सहायक तकनीकी प्रबंधक, श्री गणेष शंकर विद्यार्थी से हुई, जिनसे आधुनिक खेती की तौर-तरीकों की जानकारी प्राप्त की एवं आग्रह किये जाने पर महाबीर स्वयं सहायता समूह, सिकन्दरा का निर्माण किया। श्री विद्यार्थी के के देख-रेख में किसानों को आधुनिक खेती करने की समूचित जानकारी समय समय पर मिलने लगी।

सहायक तकनीकी प्रबंधक, श्री गणेश शंकर विद्यार्थी के दिशा निदेश में ही नेशनल मिशन आॅन एग्रीकल्चर एण्ड टेक्नोलाॅजी कृषि प्रौधोगिकी प्रबंध अभिकरण (आत्मा), जमुई द्वारा सुबोध कुमार को राज्य स्तरीय प्रशिक्षण में सब्जी की आधुनिक खेती विषय पर पटना ले गये एवं प्रशिक्षण प्राप्त किया। राज्य स्तरीय परिभ्रमण में सब्जी की आधुनिक खेती विषय पर ही चण्डी, राजगीर गये और नये तरीकों को देखा और सीखा।

सहायक तकनीकी प्रबंधक, श्री गणेश शंकर विद्यार्थी के निदेशन में ही सब्जी के नर्सरी को तैयार कर ब्रिकी की जिसमें इन्हें अच्छा मुनाफा मिला। आलू की खेती की एवं आलू को सहेज कर रखा जिससे आलु को बिचड़ा के रूप में बेचा तो अच्छी आमदनी हुई। इससे इनका मनोबल एवं कार्यकुशलता बढ़ता गया और इन्होने वृहत पैमाने पर खेत लीज पर लेकर खेती को उद्योग के रूप मे कर रहे हैं।

इनके कठिन परिश्रम और लगन को देखकर कृषि विभाग एवं कृषि प्रौधोगिकी प्रबंध अभिकरण (आत्मा), जमुई इनके उज्जवल भविष्य की कामना करती है।